पटना। बोरिंग रोड स्थित जमीन की खोदाई किए जाने से कई मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। एनडीआरएफ की टीम सुरक्षात्मक कार्य में जुटी रही। गड्ढे को बालू से भरा जा रहा है। मकानों की नींव के नीचे की खाली जमीन भी भरी जा रही है। इधर, आपदा प्रबंधन के अधिकारी समेत अभियंता वहां मुस्तैद रहे। एक अधिकारी के मुताबिक, अभी उन मकानों में रहना खतरनाक है। अभी वर्षा का मौसम है। ऐसे में ये मकान तत्काल तो रहने के योग्य नहीं हैं। मंगलवार को फिर जिन मकानों की नींव हिली हैं उनका सुरक्षा आडिट किया जाएगा, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में बिल्डर के खिलाफ रेरा को भी लिखा जाएगा।
विस्थापित हैं कई परिवार
मकानों की नींव डगमगाने के बाद से उनमें रहने वाले कई परिवार विस्थापित हैं। उन्हें दूसरे स्थानों पर शरण लेना पड़ रहा है। कुछ अपने रिश्तेदारों के यहां तो कुछ अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार रह रहे हैं। जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम ने कहा कि वहां की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच टीम की रिपोर्ट आने पर बिल्डर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेरा को भी लिखा जाएगा। मंगलवार को इंजीनियर, अधिकारी उन मकानों का निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही उनमें रहने के लिए जरूरी निर्णय लिया जाएगा।
एनडीआरएफ की टीम कर रही सुरक्षात्मक उपाय
तीन ओर से मकानों, अपार्टमेंट से घिरे भूखंड पर निर्माण के लिए खोदाई कराई गई। मकानों से सटाकर गड्ढा खोदे जाने से नींव के नीचे की जमीन खिसक गई। इसके बाद हड़कंप मच गया। लोगों ने जिलाधिकारी को घटना की सूचना दी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन एडीएम के साथ एनडीआरएफ की टीम को भेजा। रविवार सुबह जिलाधिकारी स्वयं भी पहुंचे। मकानों को खाली कराया गया। जरूरी सामान के साथ लोग वहां से निकले। इसके बाद सुरक्षात्मक कार्रवाई शुरू की गई।

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