गुरुग्राम : राजस्थान में बांदीकुई से जयपुर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। मंगलवार से सुरक्षात्मक कमियों की पड़ताल के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सेफ्टी ऑडिट शुरू करेगा।
एक सप्ताह तक ऑडिट चलेगा। इस दौरान जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक लाेड डाल दिया जाएगा।
67 किलोमीटर का एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनाया
जयपुर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए 67 किलोमीटर लंबा चार लेन का एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे बनाया गया है।
इसके ऊपर 125 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से वाहन चल सकेंगे। इससे एक घंटे की बजाय केवल 30 मिनट में बांदीकुई से जयपुर पहुंच जाएंगे।
इस तरह साइबर सिटी से पिंक सिटी यानी जयपुर पहुंचने में केवल ढाई घंटे लगेंगे। एनएचएआइ के अधिकारी का कहना है कि चालू करने से पहले सेफ्टी ऑडिट आवश्यक है।
ऑडिट से पता चलेगा, कहां पर रंबल स्ट्रिप लगाने की है जरूरत
ऑडिट से पता चल सकेगा कहां पर रंबल स्ट्रिप लगाने की आवश्यकता है, कहां पर धीरे चलें लिखा बोर्ड लगाने की आवश्यकता है और कहां पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने की आवश्यकता है।
बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एवं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को लेकर 1380 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है।
यह मैदानी इलाकों से होकर गुजर रहा है। शहरों को बेहतर तरीके से कनेक्ट करने के लिए कहीं पर हाईवे तो कहीं पर एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इसी दिशा में जयपुर को जोड़ने के लिए बांदीकुई से जयपुर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है।

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