गुजरात के स्कूलों से अब अगर छात्र-छात्राओं का ग्रुप पिकनिक या टूर के लिए जाएगा, तो उनके साथ सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी भी जाएंगे। ये आदेश गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने नए सुरक्षा नियमों के तहत जारी किया है।
इस नए नियम के अनुसार, बच्चों के आउंटिंग के लिए दो वर्दीधारी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। गर्ल स्टूडेंट के लिए महिला पुलिसकर्मी साथ जाएंगी। इस निर्णय का गुजरात के स्कूलों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का मानना है कि इससे उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताएं खत्म हो जाएंगी।
राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश
हालांकि यह नियम सुनने में जितना आकर्षक लगता है, उतना ही प्रैक्टिकल है, इस पर कुछ लोगों को संदेह भी है। दरअसल डीजीपी ने राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश भेजकर इस नियम के तुरंत इंप्लीमेंटेशन के लिए कहा है।
स्कूलों को अपनी ट्रिप, टूर या पिकनिक को पहले ही शेड्यूल करना होगा और लोकल पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी देकर उनके कॉर्डिनेशन करना पड़ेगा। भरूट में एमिटी स्कूल सीबीएसई की प्रिंसिपल रीना तिवारी का मानना है कि इस नए नियम से ट्रिप प्लानिंग में देरी हो सकती है और कई स्कूल टूर के लिए डिमोटिवेट भी हो सकते हैं।
अभिभावक नियम से बेहद खुश
हालांकि अभिभावक इससे इत्तिफाक नहीं रखते। अभिभावकों का मानना है कि इस नियम से शिक्षा अधिकारियों और पुलिस के बीच मजबूत सहयोग तो तैयार होगा ही, छात्रों की चिंता से वह मुक्त भी हो जाएंगे। दरअसल इसके पहले तक हर स्कूल टूर से पहले अभिभावकों से एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाता था, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में स्कूल पर दोष नहीं लगता था।
गुजरात पुलिस के पास मैनपावर की कमी इस नियम के इंप्लीमेंटेशन में बाधा भी बन सकती है। दरअसल गुजरात में पुलिस के पास मैनपावर की भयंकर कमी है। एक आंकड़े के मुताबिक, गुजरात में 100,000 लोगों पर 127.82 पुलिसकर्मी हैं, जबकि यह 174.39 होना चाहिए। गुजरात पुलिस के पास अपनी जरूरत का सिर्फ 73 फीसदी मैनपावर है।

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