दिल्ली: दक्षिणी पश्चिम जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने दिल्ली कैंट क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा । चारों एक ही परिवार के हैं। पुलिस ने इनके पास से बांग्लादेशी पहचान संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मोहम्मद असद अली, नसीमा बेगम, मोहम्मद नईम खान और आशा मोनी के रूप में हुई है। चारों पिछले 12 वर्षों से अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। पुलिस ने चारों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के माध्यम से निर्वासित कर दिया है।
जांच में नहीं मिला भारतीय पहचान पत्र
पुलिस उपायुक्त सुरेन्द्र चौधरी ने बताया कि दक्षिणी पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर नजर रखने और अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों को पकड़ कर उन्हें निर्वासित करने के लिए एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया हुआ है।
एएटीएस को सूचना मिली थी कि दिल्ली कैंट क्षेत्र में अवैध रूप से बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने छापा मारकर चार लोगों को पकड़ा। पुलिस ने उनसे दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की, मगर वह कोई वैध भारतीय दस्तावेज नहीं दिखा पाए।
पुलिस को उनके पास से बांग्लादेशी पहचान संबंधी दस्तावेज की फोटोकॉपी मिली। पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान फारूक बाजार अजवातारी, फुलबारी कुरीग्राम, बांग्लादेश निवासी 44 वर्षीय मोहम्मद असद अली, उसकी पत्नी 40 वर्षीय नसीमा बेगम, बेटा 18 वर्षीय मोहम्मद नईम खान और बेटी 13 वर्षीय आशा मोनी के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि करीब 12 साल पहले अवैध रूप से नदी पार कर भारत में दाखिल हुए थे और वहां से ट्रेन से दिल्ली पहुंचे थे।

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