Coronavirus: कोरोना वायरस के जेएन-1 वैरिएंट फैलने के बीच इंदौर में भी दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और भोपाल के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। हालांकि जिले के सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि भोपाल में घबराने की कोई बात नहीं है यहां ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इस संबंध में प्रशासन के माध्यम से कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
फिर भी जिले में कोरोना से निपटने के लिए सभी अस्पताल पूरी तरह तैयार हैं। जेपी जिला अस्पताल में कोरोना या संक्रामक रोगों की जांच के लिए बनाए गए लू क्लीनिक को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है। अब इसका इस्तेमाल पार्किंग एरिया के तौर पर किया जा रहा है।
फिलहाल, एम्स में आरटीपीसीआर जांच
फिलहाल भोपाल में सिर्फ एस में आरटीपीसीआर जांच हो रही है। वहीं अन्य सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए आरटीपीसीआर किट उपलब्ध नहीं हैं। हलांकि सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने इसे खारिज कर दिया और बताया कि आरटीपीसीआर जांच अभी भी वहीं हो रही है, जहां पहले हो रही थी।
15 फीसदी मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण
जेपी अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 15 फीसदी मरीजों में कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इनमें बुखार, गंध-स्वाद की कमी, बदन दर्द, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिख रहे हैं।

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