नई दिल्ली। देश की सियासी चौपाल पर सबसे ज्यादा खुश एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी नजर आ रहे हैं। इसकी वजह खुद ओवैसी ने बताते हुए कहा कि हमारे बराबर कोई बेबाक और हैंडसम पूरे पाकिस्तान में कोई नहीं बचा। इसलिए आजकल हम वहां के दुल्हाभाई हो गए हैं। पाकिस्तान के समर्थकों की तरफ से उन पर हो रहे अटैक को लेकर जब सवाल किया गया तो ओवैसी ने कहा, हम पाकिस्तान के दुल्हे भाई हो गए हैं आजकल। अब कोई नहीं रहा वहां पर। हम ही रह गए हैं। इतना बेबाक और हैंडसम कोई रह ही नहीं गया। अब हम ही रह गए हैं। देखते रहो प्यारे मेरे को। थोड़ा सुनते रहो, इससे ज्ञान बढ़ेगा। तुम्हारे दिमाग में जो भूसा भरा हुआ है वह साफ हो जाएगा।
ओवैसी ने कहा, भारतीय सेना को धन्यवाद कहता हूं कि उन्होंने पहलगाम के हमले के बाद आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया गया। उन्होंने विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर कहा, यह हमारे लिए अच्छी बात है कि हमारे मुल्क में जो आतंकवादी वाकयात हो रहे हैं, उनके बारे में सभी देशों को बताना पड़ेगा। भारत का स्टैंड हमेशा आतंकवाद के खिलाफ रहा है। खास तौर पर पड़ोसी मुल्क बार-बार हमारे देश में दहशतगर्दी को प्रमोट करता है। इसलिए दुनिया के सामने बेनकाब करना महत्वपूर्ण काम है। ओवैसी ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने में भी एक डेलिगेशन गया था। इसके बाद 2008 में 26/11 हमले के बाद भी डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने एक डेलिगेशन भिजवाया था। उन्होंने कहा, पाकिस्तान झूठ की बुनियाद पर बना है। वे झूठ बोलेंगे डराने की कोशिश करेंगे कि हमारे पास न्यूक्लियर बम है। ईरान और इजरायल के पास भी न्यूक्लियर बम है तो क्या वे लोग रुक रहे हैं। एक दूसरे को मार रहे हैं।
सीजफायर के ऐलान को लेकर ओवैसी ने कहा कि युद्धविराम का ऐलान हमारे देश के प्रधानमंत्री को करना चाहिए था। किसी और देश को राष्ट्रपति को नहीं करना चाहिए था। वह (ट्रंप) बार-बार कह रहे हैं कि ट्रेड कर लेंगे, ट्रेड कर लेंगे। पाकिस्तान से यूएस का केवल 10 बिलियन का ट्रेड होता है। भारत का यूएस से ट्रेड 150 बिलियन से ज्यादा होता है। क्या मजाक है यह। क्या हम ट्रेड के लिए खामोश बैठ जाएंगे। क्या अमेरिका गारंटी ले रहा है कि पाकिस्तान फिर आतंकी हमले नहीं करेगा। पाकिस्तान की सेना हमेशा हमें तंग करने वाली है। हमें अपनी सरकार से मतलब है। किसी दूसरी सरकार से मतलब नहीं है। पाकिस्तान के लोग भिखमंगे हैं। अभी वे 2 बिलियन डॉलर आईएमएफ से लेकर आए हैं। वे क्या ट्रेड करेंगे। यूएस को टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित करना चाहिए।

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