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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा योजना से समन्वित होकर चल रहे स्वच्छता प्रयासों का निरीक्षण मनरेगा के अपर आयुक्त अशोक चौबे के द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सेमरा अंतर्गत नागपुर थाना क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से निर्मित सामुदायिक शौचालय का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत लाई में निर्मित सेग्रीगेशन शेड का भी जायजा लिया, जहां स्वच्छाग्राही समूह द्वारा किए जा रहे डोर टू डोर अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण कार्य की उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत यह कार्य न केवल ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रहा है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। स्वच्छाग्राही समूह की महिलाओं ने बताया कि वे सप्ताह में दो दिन नियमित रूप से प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं। इसके लिए प्रति परिवार 20 रुपये यूजर चार्ज के रूप में प्राप्त होता है, साथ ही ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें 2900 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
इसके अतिरिक्त वे एकत्र किए गए सूखे कचरे का विक्रय कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं। एक स्वच्छाग्राही महिला ने बताया कि इस कार्य के माध्यम से ग्राम पंचायत की छह महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार प्राप्त हुआ है, जिससे उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सुविधा हो रही है। अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर पा रही हैं। अपर आयुक्त चौबे ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने के साथ ही स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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