भोपाल.
मध्यप्रदेश में वित्तीय और अन्य सबसिडी देने लाभ और सेवाओं का वितरण करने के लिए व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने आधार अधिप्रमाणन को जरुरी किया जा सकेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार और प्राधिकरण के परामर्श से स्वैच्छिक आधार पर इसे लागू किया जा सकेगा। भारत सरकार ने सुशासन के लिए आधार अधिप्रमणाणन समाज कल्याण, नवाचार ज्ञान नियम तैयार किए है। जिसमें राज्य सरकार स्वैच्छिक आधार पर आधार का उपयोग करने के लिए इन नियमों के अधीन इसकी मांग कर सकेगी।
भारत सरकार इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अपने कार्यालय से मध्यप्रदेश के सचिव राजस्व को पत्र लिखकर कहा है कि सुशासन के लिए आधार अधिप्रमाणन का उपयोग वित्तीय और अन्य लाभों तथा सेवाओं के वितरण में किया जा सकेगा। विभागीय आॅनलाईन पोर्टल के भू अभिलेख, संबंधित न्यायालयीन कार्यवाहियों और अभिलेख एवं संबंधित सेवाओं के भुगतान के लिए सेवाओं के प्रावधानों के अनुसार उपयोगकर्ताओं की पहचान और ईकेवायसी अधिप्रमाणन के लिए आधार का उपयोग किया जा सकेगा।
मध्यप्रदेश शासन विभागीय भू अभिलेख, संबंधित न्यायालयीन कार्यवाहियों और अभिलेख एवं संबंधित सेवाओं के लिए भुगतान जैसी विभिन्न सेवाओं हेतु राजस्व विभाग के आॅनलाईन पोर्टल को सुशासन के लिए आधार अधिप्रमाणन के नियम के अनुसार पहचान के प्रयोजन के लिए शर्तो के अधीन स्वैच्छिक रुप से आधार अभिप्रमाणन प्राप्त कर सकेगी।

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