जगदलपुर
बस्तर राजघराने की शाही शादी का जश्न शुरू हो चुका है. हल्दी रस्म के बाद बस्तर गद्दी के राजा कमलचंद भंजदेव की शाही बारात शहर की सड़कों पर ऐतिहासिक भव्यता के साथ निकली. इस शाही बारात में हाथी, घोड़े और ऊंट शामिल थे, जिन पर राजपरिवार का शाही चिन्ह सुसज्जित था.
कमलचंद भंजदेव हाथी पर सवार होकर राजमहल से निकले और मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेने के बाद बारात रवाना हुई. बारात में माझी चालकी और पुरानी बस्तर रियासत के पारंपरिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. बारात जगदलपुर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए वापस राजमहल पहुंची.
विशेष विमान से मध्य प्रदेश जाएगी बारात
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज कमलचंद भंजदेव अपनी बारात लेकर चार्टर्ड फ्लाइट से मध्य प्रदेश के नागौद राजमहल पहुंचेंगे, जहां विवाह संपन्न होगा. शादी के बाद विशेष विमान से ही बारात वापस जगदलपुर लौटेगी.
107 साल बाद निकली शाही बारात
इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े. आखिरी बार 107 साल पहले पूर्व महाराजा रुद्र प्रताप देव की बारात राजमहल से निकली थी. इतने वर्षों बाद कमलचंद भंजदेव ने इस परंपरा को पुनर्जीवित किया, जिससे जगदलपुर में खास उत्साह का माहौल देखने को मिला.

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