रायबरेली
जिले एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. यहां 52 हजार से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त किया जाना है. डीपीआरओ ने इन प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने के लिए शासन को सूची उपलब्ध कराई है. ताकि इनके दुरुपयोग को रोका जा सके. आरोपी, वीडीओ विजय यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके ये फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. इस फर्जीवाड़े के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल सहित कई अन्य देशों से जुड़े हुए हैं.
इसके अलावा, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, और पंजाब जैसे प्रांतों के लोगों के लिए भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. 18 जुलाई 2024 को सलोन में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. जिसके बाद यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने जांच की. इस मामले में मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार किया गया था.
एक दिन में 1000 फर्जी प्रमाण पत्र
खुलासा हुआ कि एक दिन में 1000 के करीब फर्जी प्रमाण पत्र बनाए गए थे. सलोन ब्लॉक के गांवों की जांच में मिले इन 52 हजार से ज्यादा फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शासन स्तर से होगी. जिसके लिए डीपीआरओ ने एक्ट में दिए गए प्रावधानों का हवाला दिया है.

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